Types of Sentences in Hindi (वाक्य के प्रकार)
हिंदी व्याकरण हो या इंग्लिश व्याकरण सभी में Types of sentences in Hindi को जानना बहुत ही जरुरी है। जब तक बेसिक जानकारी नहीं होगी आगे जानना थोड़ा मुश्किल होता है। आप सभी के लिए सिंपल भाषा में types of Sentence in HIndi लेके आया हूँ। आशा करता हूँ , आपके लिए सेन्टेन्स के प्रकार जाने में आसानी होगी। अगर पोस्ट पसंद आये तो इसे लिखे ,फॉलो और शेयर जरूर करें। याद रखे ज्ञान बांटने से ही बढ़ता है।
(Types of Sentences)
1 .Assertive or Declarative Sentence(स्वीकारात्मक या कथात्मक वाक्य ):
2. Interrogative Sentence ( प्रश्नवाचक वाक्य ):
3.Imperative Sentence (आज्ञासूचक वाक्य ):
4.ExclSentenceamatory ( विस्मयादिबोधक वाक्य ):
5.Optative sentence (इच्छासूचक वाक्य):
Sentences
हर भाषा में कुछ भी कहने या लिखने के लिए शब्दों के समूहों का प्रयोग होता है। शब्दों का वह समूह जिसमे किसी बात का भाव पूर्णतः स्पस्ट हो, वाक्य कहते है। दूसरे शब्दों में हम कह सकते है की वाक्य वे है, जिनसे सुनने वाले को पूर्ण सन्देश का पता चल पाये।
Classification
(वर्गीकरण)-1
- वाक्यों को उनके भाव के आधार पर निम्नलिखित 5 वर्गो में वर्गीकृत किया जाता है —
1.Assertive/Declarative Sentence(स्वीकारात्मक या कथात्मक वाक्य ):
ऐसे वाक्यों में कुछ बताया जाता है या किसी वर्णन होता है। कोई भी बात चाहे वो एक तथ्य हो या एक सोच
उदहारण ( Example ):
- Mom scolds me. ( मम्मी जी मुझे डाँटती हैं। )
- Arnavi doesn’t go to school. ( अरनवी स्कूल नहीं जाती हैं। )
- Aman is not at home. ( अमन घर पर नहीं है। )
- Ayansh is my son. ( अयांश मेरा बेटा है। )
( सभी वाक्यों में कुछ बताया गया है अर्थात किसी बात का बर्णन है। आम बोलचाल में सबसे अधिक जो वाक्य प्रयोग किये जाते है वे इसी वर्ग के होते हैं। )
2.Interrogative Sentence(प्रश्नवाचक वाक्य ):
ऐसे वाक्य जिनमे कोई प्रश्न पूछा जाता हैं।
उदहारण (Example ):
- Is Aman not at home?
क्या अमन घर पर नहीं है ? - Do you play?
क्या तुम खेलते हो?
- Are You happy?
क्या तुम खुश हो? - Do You go there?
क्या तुम वहां जाते हो? - Do You have a pen?
क्या तुम्हाते पास पेन है?
( ऊपर दिए गए वाक्यों में प्रश्न पूछे गये है। इस तरह के वाक्य हम अक्सर सुनते है। )
3.Imperative Sentence(आज्ञासूचक वाक्य):
ऐसे वाक्य जो आज्ञा,आदेश या प्रार्थना व्यक्त करें।
उदहारण ( Example );
- Sit there. ( वहाँ बैठो )
- Let me go. ( मुझे जाने दो )
- Come here. ( यहाँ आओ )
- Go there. ( वहाँ जाओ )
4.Exclamatory Sentence(विस्मयादिबोधक वाक्य):
ऐसे वाक्य जिनमे अचानक उत्पन्न हुई भावनाओ जैसे दुःख, खुशी, हैरानी,डर आदि की अभिव्यक्ति हो।
उदहारण (Example ):
- Wow! ( गज़ब! या बहुत बढ़िया !)
- Thanks God! ( भगवान का शुक्र है !)
ऊपर दिए गए वाक्यों में मन में अचानक उत्पन्न हुई भावनाओ की अभिव्यक्ति है।
5.Optative sentence(इच्छासूचक वाक्य):
वे वाक्य जिनमें किसी इच्छा, शुभकामना, ईश्वर से की गई प्रार्थना एवं श्राप आदि को अभिव्यक्त करते हैं Optative sentence (इच्छासूचक वाक्य) कहलाते हैं।
उदहारण (Example ):
- May you go to hell!
- May you prosper!
- May you live long!
Oh, could fly like a bird!
Classification
(वर्गीकरण)-2
(Types of sentences in Hindi)
दूसरे वर्गीकरण के अनुसार वाक्य निम्नलिखित चार प्रकार के होते है —-
1.Affirmative(सकारात्मक) :
ऐसे वाक्य जिनमे न ही “नहीं ” का प्रयोग हो , और न ही कोई ” प्रश्न” पूछा गया हो।
उदाहरण –
- राम एक अच्छा लड़का है।
Ram is a good boy. - मोहिनी एक सुन्दर लड़की है।
Mohini is a beautiful girl. - गोलू एक नटखट लड़का है।
Golu is a naughty boy.
2.Negative(नकारात्मक):
ऐसे वाक्य जिनमे “नहीं” का प्रयोग तो हो पर कोई प्रश्न न पूछा गया हो।
उदहारण –
- राम एक अच्छा लड़का नहीं है।
Ram is not good boy. - मोहित रोता नहीं है।
Mohit is not crying. - मोहिनी खाना नहीं खाती है।
Mohini does not eat the food.
3.Interrogative(प्रश्नवाचक):
ऐसे वाक्य जिनमें “नहीं” का प्रयोग न हो पर “प्रश्न ” पूछा गया हो।
उदहारण –
- क्या राम एक अच्छा लड़का है?
Is Ram a good boy? - क्या आरती एक गायिका है?
IS Arti a singer? - क्या तुम रोते हो?
Are You cry?
4.Negative Interrogative (नकारात्मक प्रश्नवाचक):
ऐसे वाक्य जिनमें “नहीं ” का प्रयोग भी हो और “प्रश्न” भी पूछा गया हो।
उदहारण –
- क्या राम एक अच्छा लड़का नहीं है?
Is Ram not a good boy? - क्या रोहित खाना नहीं खाता हैं।
Does Rohit not eat the food? - क्या मोहित घूमने नहीं जाता है।
Does Mohit not go for a walk?
Parts of a Sentence
(वाक्य के प्रकार)
वाक्य के तीन भाग होते है (Three Parts of a Sentence)
Subject ( कर्ता ): Verb ( कर्म, काम या कार्य ): Object ( कारक ):
1 . Subject ( कर्ता )
कर्ता ( Subject) वो होता है। जिसके बारे में वाक्य में या तो बात हो रही हो या फिर वो जो किसी क्रिया यानि काम को कर रह हो। दूसरे शब्दों में, कर्ता किसी भी वाक्य का प्रमुख केंद्र होता है।
2. Verb ( कर्म, काम या कार्य )
क्रिया (Verb) वो है जिसके माध्यम से कर्ता ( Subject) के कार्य या अवस्था ( स्थिति ) की जानकारी मिलती है।
Ayansh is sleeping.(अयांश सो रहा है। )
(अयांश सोने का कार्य कर रहा है। इस वाक्य में कर्ता (Subject ) के द्वारा किये जा रहे कार्य की जानकारी मिलती है। )
क्रियाएँ दो प्रकार की होती हैं ( Verbs are of two types):
( a ) मुख्य क्रिया ( Main Verb )
यह क्रिया कर्ता (Subject ) के कार्य की जानकारी देती है। मुख्य क्रिया का सीधा सा मतलब है कोई भी काम जैसे नाचना, गाना, सोचना,पढ़ना, लिखना, देखना, हिलना, याद करना, पीटना आदि।
( b ) सहायक क्रिया (Helping Verb / Auxiliary Verb )
यह क्रिया कर्ता (Subject ) की अवस्था के बारे में बताती है। कर्ता (Subject) के अनुसार व समयकाल ( वर्तमान, भूत व भविष्य ) के अनुसार इनका प्रयोग किया जाता है।
उदहारण : Is,Am, Are, Was, Were, Has, Have, Had, Will, Would, Should, Do, Does, Did, etc.
3. Object ( कारक )
कारक वह होता है जिस पर कर्ता के कार्य या अवस्था का प्रभाव पड़ता है।
1. तुम मेरे दिल में रहते हो।
तुम (Subject) मेरा दिल (Object) रहना ( Main Verb)
वीडियो लेक्चर के माध्यम से समझने की कोशिश कीजिये ( Parts of a sentence वाक्य के भाग)

