Coronavirus Essay In Hindi कोरोना वायरस पर हिन्दी निबंध

कोरोना वायरस पर निबंध/Covid-19 पर निबंध/ Coronavirus Essay In Hindi/महामारी पर निबंध/कोरोना वायरस पर निबंध 2021

Coronavirus Essay In Hindi

 कोरोना वायरस पर निबंध

100, 200, 300, 500,600

शब्दों में।

कोरोना वायरस/ Covid-19 पर निबंध 

प्रस्तावना 

कोरोना वायरस वही वायरस है जिसने पूरी दुनिया को हिला के रख दिया। किसी ने कभी नहीं सोचा होगा कि  ऐसे भी दिन आयेंगे जब हम सभी को घर के अन्दर ही अपनी दुनिया माननी होगी। और ऐसा कोरोना वायरस ने किया की हमें घरों के अंदर रहना पड़ा जिसकी पहचान सबसे पहले चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर में सांस की बीमारी के मामलों के फैलने के बीच हुई थी। यह पहली बार 31 दिसंबर, 2019 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को सूचित किया गया था।

कोरोना वायरस क्या है?

कोरोना वायरस वह वायरस है।  जिसके अन्तर्गत जुकाम,खांसी  से लेकर साँस की परेशानी और गले में खरास आदि समस्याएँ  होती है। इस वायरस को सबसे पहले चीन के हुबेई प्रान्त में फैलते देखा गया। यह वायरस हमारे बाल से भी 900  गुना छोटा है। लेकिन इसका प्रभाव 900 गुना से भी ज्यादा है। इस वायरस को मानव इतिहास में पहली बार देखा गया था इसलिए इस वायरस को रोकने का कोई टीका नहीं था।

इससे बचने का केवल एक ही उपाय था एक दूसरे से दूरी बना के रखना। लोग एक दूसरे से दूरी बना  कर रहे इसके लिये सरकारों ने पुरे देश में कर्फ्यू लगा दिया था। जिससे ये कोरोना वायरस फ़ैल न सके। लेकिन फिर भी ये कोरोना वायरस इतनी तीव्रता से फैला की इसने कुछ ही महीनों में यह  कई देशों  में फ़ैल गया और लाखों हजारों लोगो को अपनी चपेट में ले लिया।

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विश्व के अनेक देशों में फैलाव

कोरोना वायरस चीन से जाने वालों या चीन में व्यापार हेतु बाहर के देशों से आने वालों के कारण विश्व के अन्य देशों में फैलने लगा। फरवरी,मार्च 2020 तक इसकी चपेट में हजारों लोग आ चुके थे। थाईलैण्ड, दक्षिण कोरिया, जापान, ताइवान, हांगकांग, अमेरिका, सिंगापुर, वियतनाम, भारत, ईरान इराक, इटली, दुबई, कुवैत आदि 160 देशों में कोविड-19 नाम के वायरस के संक्रमण के पुष्ट मामले सामने आए। इसकी भयंकरता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (W. H O) ने इसे महामारी घोषित कर दिया है। यह वायरस तेजी से फैलता जा रहा है।

कोरोना वायरस के लक्षण

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के अनेक लक्षण बताए हैं। जिससे कोरोना वायरस का पता किया जा सकता है जो इस प्रकार है –

  • खांसी
  • बुखार या ठंड लगना
  • थकान
  • मांसपेशियों या शरीर में दर्द
  • साँस की तकलीफ या साँस लेने में कठिनाई
  • नाक का बहना
  • सिरदर्द
  • उल्टी या मितली

कोरोना वायरस को कैसे रोकें

कोरोना वायरस को रोकने के लिए निम्नलिखित उपाय है। जिनका प्रयोग करके कोरोना वायरस जैसी महामारी से बचा जा सकता है। क्योंकि कोरोना वायरस महामारी एक ऐसी महामारी है जिसका कोई ऐसा टीका भी नहीं है जिसका प्रयोग करके कोरोना वायरस से जीता जा सके इसलिए केवल एक ही उपाए है कि निचे बताये गए उपायों को अपनाएं।

  • अच्छी गुणवत्ता वाला मास्क पहनें जो आपके मुँह और नाक दोनों को ढके।
  • दूसरों से 6 फ़ीट की दुरी बनाये रखें।
  • अपने हाथ ठीक से और बार-बार धोयें।
  • साबुन और पानी उपलब्ध न होने पर हैंड सैनिटाइज़र का प्रयोग करें।
  • भीड़-भाड़ वाली और गैर हवादार जगह से बचें।
  • और एक टीका जरूर लगवायें।

कोरोना वायरस को फैलने से कैसे रोकें

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के अनेक उपाए है।

  • सार्वजनिक वाहन जैसे बस, ट्रेन, ऑटो या टैक्सी से यात्रा न करें।
  • घर में मेहमान न बुलाएं।
  • घर का सामान किसी और से मंगाएं।
  • ऑफ़िस, स्कूल या सार्वजनिक जगहों पर न जाएं।
  • अगर आप और भी लोगों के साथ रह रहे हैं, तो ज़्यादा सतर्कता बरतें।
  • अलग कमरे में रहें और साझा रसोई व बाथरूम को लगातार साफ़ करें।
  • 14 दिनों तक ऐसा करते रहें ताकि संक्रमण का ख़तरा कम हो सके।
  • अगर आप संक्रमित इलाक़े से आए हैं या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहे हैं तो आपको अकेले रहने की सलाह दी जा सकती है। अत: घर पर रहें।

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कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति मे लक्षण

कोरोना वायरस के संपर्क मे आने के बाद उस व्यक्ति मे सूखी खांसी, बुखार और सांस लेने जैसी समस्या होती है, तो उसे तुरंत चिकित्कीय परामर्श की आवश्यता है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होता है।

इस वायरस का शिकार ज्यादातर 55-60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों मे अधिक पाया गया है। अक्सर वो व्यक्ति जो किसी पुराने रोग जैसे मधुमेह, गुर्दे का रोग या दिल कि बीमारी जैसी समस्या से पीड़ित है उस पर इस संक्रमण का असर अधिक है। इस संक्रमण से प्रभावित व्यक्ति का पता चलने के बाद उसे चिकित्सा सेवा के लिए औरों से अलग बनाएं गए कोविड अस्पतालों मे इसका संपूर्ण इलाज किया जाता है।

  • किसी संक्रमित व्यक्ति को आम लोगों से अलग या खास तौर पर बनाए गए कोविड अस्पतालों मे रखा जाना चाहिए।
  • कोरोना वायरस की कोई ठोस दवा या वैक्सिन अभी तक इजात नही की गई है, परंतु इससे प्रभावित व्यक्ति को इस वायरस से लड़ने और उसके असर को कम करने की दवा मरीजों को दी जाती है।
  • तमाम देशों के वैज्ञानीक और उनकी टीम इस वायरस के वैक्सिन या दवा बनाने की कोशिश मे प्रयत्नशील है।
  • प्रभावित व्यक्ति को, जब तक वह पुर्ण स्वस्थ न हो जाए, सबसे अलग रखना चाहिए और आम लोगों के संपर्क से दूर रखना चाहिए।
उपसंहार 
प्राचीन काल में कोरोना वायरस कि ही तरह एक वायरस जिसे सार्स वायरस कहते थे। उस वायरस ने भी कोरोना वायरस की ही तरह अनेक लोगो को मौत के घाट उतार दिया था। प्राचीन काल में विज्ञान ने इतनी उन्नति नहीं  की थी तब भी उस वायरस ने तबाही मचाई थी और अब विज्ञान ने इतनी उन्नति कर ली है फिर भी इस कोरोना वायरस इतनी तबाही मचाई है। लेकिन स्वास्थ्य संगठनों और सरकारों के सही प्रयासों से इस महामारी की तबाही से बचा जा सका। 
विश्व स्वास्थ्य संगठन, पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड और नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) से प्राप्त सूचना के आधार पर हम आपको कोरोना वायरस से बचाव के तरीके बता रहे हैं। एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग हो या फिर लैब में लोगों की जांच, सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए कई तरह की तैयारी की है। इसके अलावा किसी भी तरह की अफवाह से बचने, खुद की सुरक्षा के लिए कुछ निर्देश जारी किए हैं जिससे कि कोरोना वायरस से निपटा जा सकता है।
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